Inspection of disaster affected areas
- जिलाधिकारी ने प्रस्तुत किया नुकसान का ब्यौरा, प्रभावितों से भी ली जानकारी – जल्द भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को
देहरादून/रुद्रप्रयाग। केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने मंगलवार को जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थलीय व हवाई निरीक्षण किया। टीम ने प्रभावित गांवों में जाकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
टीम का नेतृत्व भारत सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. आर. प्रसन्ना ने किया। उनके साथ निदेशक वित्त शैलेश कुमार, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, उपनिदेशक विकास सचान एवं प्रमुख सलाहकार मोहित पूनिया भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जिला कार्यालय में टीम को आपदा के दौरान हुई क्षति और पुनर्वास कार्यों का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मानसून काल में जनपद को भारी नुकसान हुआ है, जिसके लिए 1850 करोड़ रुपए का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
टीम ने तालजामण, उछोला, स्यूर बांगर, छैनागाड़, बगड़तोक, जौला, डुंगर भटवाड़ी समेत कई क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर भू-धसाव एवं बुनियादी ढांचे की क्षति का आकलन किया। साथ ही, बड़ेथ गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर मकानों, फसलों, व्यवसायों एवं आजीविका को हुए नुकसान की प्रत्यक्ष जानकारी ली।

स्थानीय लोगों ने टीम के समक्ष हेलीपैड निर्माण, भूगर्भीय सर्वेक्षण, रोजगार, पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी प्रमुख मांगें रखीं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा त्वरित राहत कार्यों की सराहना भी की।
डॉ. प्रसन्ना ने कहा कि इस निरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक क्षति का आकलन करना है, ताकि केंद्र सरकार की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को उचित राहत पैकेज और पुनर्निर्माण योजनाएं शीघ्र लागू की जा सकें।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने आश्वस्त किया कि प्रभावितों को त्वरित राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा क्षतिग्रस्त आवासों के मुआवजे को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा की गई है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रलाद कोंडे, सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत, एडीएम श्याम सिंह राणा, एसडीएम उखीमठ भगत सिंह फोनिया सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


