धार्मिक

28 अक्टूबर को होगा चंद्र ग्रहण

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lunar eclipse

आचार्य रजनीश उनियाल

 मध्य रात्रि में 1ः14 से चंद्र ग्रहण प्रारंभ होगा जो कि भारत में दृश्य है। भारत में इसका सूतक मान्य होगा ग्रहण का सूतक सायं 4ः14 से प्रारंभ हो जाएगा।

ग्रहण का स्पर्श समय रात्रि 1ः14
ग्रहण का मध्य समय 1ः51
ग्रहण का मोक्ष समय 2ः28

यह ग्रहण कार्तिक शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि शनिवार को अश्वनी नक्षत्र मेष राशिगत चंद्रमा में घटित होगा। यह ग्रहण मेष वृषभ सिंह कन्या तुला धनु मकर तथा मीन राशि वालों के लिए कष्टप्रद रहेगा। मिथुन कर्क वृश्चिक तथा कुंभ राशि वालों के लिए शुभ लाभदायक रहेगा।

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चंद्र ग्रहण 2023

जातकों की कुंडली में चंद्र ग्रहण (lunar eclipse) योग :-

जिन जातकों की जन्म कुंडली में चंद्रमा राहु केतु आदि ग्रहों की स्थिति अच्छी नहीं है। उनके लिए यह समय स्वर्णिम काल है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्र ग्रहण (lunar eclipse) योग है। उनको इस योग की शांति करने के लिए यह शुभ समय है। ग्रहण के प्रारंभ में स्नान कर मध्यकाल में जप कर तथा ग्रहण मोक्ष पर दान होम आदि कर सचेल स्नान करें तथा समस्त ग्रहों की शांति हेतु आत्मतोल भी कर सकते हैं।

ग्रहण के सूतक काल में बाल वृद्ध तथा अस्वस्थ लोगों को छोड़कर अन्य लोगों को भोजन करना निषेध है। यह लोग भी ग्रहण प्रारंभ से ढाई घंटे पहले तक ही भोजन कर सकते हैं। ग्रहण के समय कटी हुई सब्जियां कटे हुए फल भी दूषित हो जाते हैं। दूध घी अचार आदि तरल पदार्थ में कुश या तुलसी ग्रहण से पहले ही रख दें।

ग्रहण के बाद बासी भोजन न खाएं आज शाम 4ः00 से सभी मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। ग्रहण के सूतक में किसी भी मूर्ति का स्पर्श करना निषेध माना गया है।

शनिवार को पूरे दिन शरद पूर्णिमा का पर्व रहेगा। इस दिन श्री सत्यनारायण व्रत कथा पूजा पाठ होम जब आदि करवाना अत्यंत शुभ माना गया है

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