ख़बरसारदेश-विदेश

सुप्रीम कोर्ट से ‘आप’ को बड़ा झटका, 15 जून तक कार्यालय खाली करने का आदेश

Spread the love

Supreme Court to AAP over land meant for court

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को राजधानी शहर के राउज़ एवेन्यू में अपने कार्यालय खाली करने के लिए कहा, क्योंकि यह भूमि न्यायिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय को आवंटित की गई थी। शीर्ष अदालत ने पार्टी को परिसर खाली करने के लिए 15 जून 2024 तक का समय दिया है।

Supreme Court to AAP over land meant for court :- मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने आप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों को सुनने के बाद दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव के हवाला देकर आप को कार्यालय खाली करने के लिए कुछ वक्त देने की मांग की। सिंघवी ने कहा कि उनका मुवक्किल ‘आप के राष्ट्रीय पार्टी होने और आने वाले लोकसभा चुनाव में उसके भाग लेने के मद्देनजर जगह खाली करने के लिए दो से तीन माह का वक्त देने की मांग की।

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को आवंटित भूमि पर स्थित पार्टी कार्यालय को 15 जून तक खाली करने का आदेश दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने आगामी आम चुनावों के मद्देनजर 15 जून की समय सीमा तय की और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी से कार्यालय के लिए वैकल्पिक जगह प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) से संपर्क करने को कहा। पीठ में न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।

Supreme Court to AAP over land meant for court :- शीर्ष अदालत ने आप से कहा कि जिस जमीन पर आपका कार्यालय है, वहां बने रहने का आपके पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पीठ से कहा कि आप देश की छह राष्ट्रीय पार्टियों में से एक है। उन्होंने कहा कि आप को बदरपुर में जमीन दी गई है, जबकि बाकी अन्य दलों को ‌बेहतर स्थानों पर, खासकर नई दिल्ली इलाके में जगह दी गई है।

इसके बाद पीठ ने आप से कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हम जगह खाली करने के लिए 15 जून, तक का वक्त दे रहे हैं ताकि जिला अदालतों के करने के लिए उच्च न्यायालय को आवंटित भूमि का उपयोग शीघ्रता से किया जा सके। आप पर उच्च न्यायालय के लिए आवंटित जमीन को अतिक्रमण करने का आरोप लगा था। हालांकि बाद में आप ने शीर्ष अदालत में अर्जी दाखिल कर कहा था कि यह जमीन उसे आवंटित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *