Home अपराध STF व Cyber पुलिस ने केबीसी में लाटरी के नाम पर 31 लाख की धोखधड़ी में किया गिरफ्तार

STF व Cyber पुलिस ने केबीसी में लाटरी के नाम पर 31 लाख की धोखधड़ी में किया गिरफ्तार

STF व Cyber पुलिस ने केबीसी में लाटरी के नाम पर 31 लाख की धोखधड़ी में किया गिरफ्तार
Spread the love

हर्षिता टाइम्स।
देहरादून, 14 जून। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के निवासियों को साइबर अपराधियो द्वारा जनता से ठगने वाले पर सख्त कार्यवाही पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड द्वारा एसटीएफ व साइबर पुलिस को दिशा निर्देश दिए गए जिसपर एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा सोनीपत, हरियाणा में दबिश दी गईं
केबीसी में लॉटरी के नाम पर देहरादून निवासी राजेंद्र सिंह से 31 लाख की साइबर धोखाधड़ी में अभियुक्त अनुज कुमार गिरफ्तार। अभियुक्त से फ्रॉड के लिए इस्तमाल किए जा रहे आधा दर्जन से ज्यादा सिम कार्ड बरामद
गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीम बिहार रवाना की जा रही है
जहाँ एक तरह से साइबर पुलिस प्रतिदिन लोगों का पैसा वापस करा रही है वहीं भारत के अलग-अलग कोने में साइबर अपराधी की धरपकड़ करती हुई।
एसटीएफ एवं साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन उत्तराखण्ड द्वारा केबीसी में लॉटरी जीतने के नाम पर हुयी 32 लाख की धोखाधड़ी से सम्बन्धित बिहार के रहने वाले अभियुक्त की हरियाणा से गिरफ्तारी ।
वर्तमान में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। इसी परिपेक्ष्य में ठगों द्वारा ज्ञठब् में लॉटरी जीतने के नाम पर आम जनता से ई-मेल व दूरभाष व अन्य सोशल साईटों के माध्यम से सम्पर्क कर लाखों रुपये की धोखाधडी की जा रही है ।
इसी क्रम में एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें शिकायतकर्ता राजेन्द्र सिंह पुत्र योगम्बर सिंह निवासी बड़ोवाला थाना प्रेमनगर जनपद देहरादून के साथ अज्ञात अभियुक्तो द्वारा स्वंय को राणा प्रताप जियो कम्पनी का सुपरवाईजर बताकर शिकायतकर्ता से मोबाईल फोन के माध्यम से सम्पर्क कर झांसा देकर केबीसी में लॉटरी निकलने की बात कहकर लॉटरी की धनराशि प्राप्त करने हेतु धोखाधड़ी से शिकायतकर्ता से विभिन्न शुल्कों के नाम पर 32 लाख रुपये की धनराशि धोखाधड़ी से विभिन्न बैक खातो में प्राप्त करने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 06/22 धारा 420/120 बी भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक श्री पंकज पोखरियाल के सुपुर्द की गयी।
अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु घटित टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, तथा अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आये अभियुक्तो द्वारा केबीसी में लॉटरी जीतने के नाम पर वादी मुकदमा से धोखाधडी की गयी। मोबाईल नम्बर व खातों की जानकारी से अभियुक्तगणों का बिहार से सम्बन्ध होना पाया गया जिसमें टीम को बिहार व अन्य सम्भावित राज्यो में रवाना किया गया।
पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से अभियुक्तो द्वारा वादी मुकदमा को जो खाता संख्या व मोबाईल नम्बर दिये थे व धोखाधडी से प्राप्त की गयी धनराशि जो एसबीआई खाता व रोजर पे खाता में प्राप्त की गयी थी के खाताधारक की जानकारी प्राप्त की गयी व उक्त खाते का खाताधारक के सम्बन्ध में साक्ष्य एकत्रित करते हुये अभियोग में 01 अभियुक्त अनुज कुमार पुत्र अनूप पासवान निवासी ग्राम गणेश चक (खजवती) थाना मगध विश्वविद्यालय बोद्ध गया, जनपद गया बिहार हाल पता ग्राम धतूरी थाना मुर्थल जनपद सोनीपत हरियाणा को जनपद सोनीपत हरियाणा से गिरफ्तार करते हुये घटना में प्रयुक्त मोबाईल फोन व अन्य सामान को बरामद किया गया।

अपराध का तरीकाः- अभियुक्त द्वारा ज्ञठब् की लॉटरी जीतने का लालच देकर आमजनो को ज्ञठब् लॉटरी के सम्बन्ध में बताते हुये धोखाधडी से ऑनलाईन ठगी करना ।

गिरफ्तार अभियुक्त-
1. अनुज कुमार पुत्र अनूप पासवान निवासी ग्राम गणेश चक (खजवती) थाना मगध विश्वविद्यालय बोद्ध गया जनपद गया बिहार हाल पता ग्राम धतूरी थाना मुर्थल जनपद सोनीपत हरियाणा उम्र 22 वर्ष
बरामदगी-
1- मोबाइल फोन- 01 (घटना में प्रयुक्त)
2- 06 सिम

पुलिस टीम-
1- निरीक्षक पंकज पोखरियाल
2- उ0नि0 राजीव सेमवाल
3- हे0का0प्रो0 सुरेश कुमार
4- का0 नितिन रमोला
5- का0 चालक सुरेन्द्र
6- एसटीएफ उत्तराखण्ड

प्रभारी एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन टिकट को बुक कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here