धार्मिक

30 मार्च को होगा दून के ऐतिहासिक श्री झंडेजी का आरोहण

Spread the love

Ascent of Shri Jhandeji

  • होशियारपुर पंजाब के हरभजन सिंह चढ़ाएंगे दर्शनी गिलाफ
  • श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति ने तैयारियों पर की बैठक
  • मेले पर आयोजित होने वाले विशेष आयोजनों व कार्यक्रमों की तिथियों के अनुसार
  • सफल आयोजन के लिए रोडमैप पर हुई चर्चा
  • ट्रैफिक व्यवस्था, संगतों के ठहरने व अन्य व्यवस्थाओं के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान

देहरादून। दून के ऐतिहासिक श्री झंडेजी का आरोहण 30 मार्च को होगा। श्री दरबार साहिब में श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति की बैठक हुई। ऐतिहासिक श्री झंडे जी मेले के आयोजन की तैयारियों को लेकर मेला आयोजन समिति ने महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर मंथन किया। श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने मेला आयोजन समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। इस साल होशियारपुर पंजाब निवासी हरभजन सिंह को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

Ascent of Shri Jhandeji मेले का एतिहासिक महत्व :-

श्री झण्डे जी मेले का यह है एतिहासिक महत्व सिखांे के सातवें गुरु श्री गुरु हर राय जी के बड़े पुत्र श्री गुरु राम राय जी महाराज का जन्म सन् 1646 ई. मंे जिला होशियारपुर के कीरतपुर, पंजाब में हुआ था। श्री गुरु राम राय जी महाराज ने देहरादून को अपनी तपस्थली चुना व श्री दरबार साहिब में लोक कल्याण के लिए विशाल झण्डा लगाकर श्रद्धालुओं को ध्वज से आशीर्वाद लेने का संदेश दिया था।

होली के पॉचवें दिन चौत्रवदी पंचमी को श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के रूप में मनाचा जाता है व हर साल श्री झण्डे जी मेल का आयोजन किया जाता है। उल्लेखनीय है कि श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर हर साल श्री दरबार साहिब, देहरादून में श्री झण्डे जी मेले का आयोजन किया जाता है।

Ascent of Shri Jhandeji :- बैठक की जानकारी देते हुए श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति के व्यवस्थापक विजय प्रसाद डिमरी ने जानकारी दी कि इस वर्ष लाखांे की संख्या मंे देश विदेश से संगतों के पहुंचने की सम्भावना है। मेले के दौरान होने वाली प्रमुख गतिविधियों व उनके संचालन को लेकर आवश्यक तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।

मेले के सफल संचालन हेतु 50 समितियों का गठन किया गया है। मेला समिति के पदाधिकारियों को पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग करने व मेले में आने वाले श्रद्धालुओं-संगतों की सुरक्षा एवम् सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

देश विदेश से आने वाली संगतों के लिए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स, बिंदाल, राजा रोड, ताबाल व बॉबे बाग स्कूल की शाखाओं में आवश्यक व्यववस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। शहर की प्रमुख धर्मशालाओं व होटलों के संचालकों से सम्पर्क कर मेला आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं एवम् संगतांे के ठहरने हेतु आवश्यक व्यवस्था बनाई है।

इस वर्ष मेला आयोजन के दौरान आठ बड़े लंगर व 4 छोटे लंगरों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। बैठक के दौरान ट्रेफिक व्यवस्था, संगतों के वाहनों की पार्किंग, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, मेला आयोजन स्थल पर पुलिस थाने का संचालन, मेला अस्पताल का संचालन, एम्बुलेंस व्यवस्था, श्री दरबार साहिब में प्रवेश व निकास के लिए आवश्यक वन-वे व्यवस्था जैसे महत्वपूर्णं बिन्दुओं पर चर्चा हुई।

श्री झण्डे जी मेले का कार्यक्रम विवरण जारी

श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति की ओर से मेला आयोजन के कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 18 मार्च 2024 सोमवार को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि के रूप में सुबोध उनियाल पंजाब की पैदल संगत के लिए हुकमनामा लेकर रवाना हो चुके हैं। 20 मार्च को अराईयांवाला में श्री झंडे जी का आरोहण होगा।

Ascent of Shri Jhandeji :- 21 मार्च को श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज सहसपुर में पैदल संगत का स्वागत सत्कार होगा। 22 मार्च को पैदल संगत का कांवली गांव में प्रवेश एवम् आदर सत्कार होगा। 22 मार्च की शाम को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुवाई में दर्शनी गेट पर पैदल संगतों का स्वागत किया जाएगा।

27 मार्च से गिलाफ सिलाई का कार्य शुरू होगा। 29 मार्च को परंपरानुसार पूर्वी संगत की विदाई होगी। 30 मार्च को दून के ऐतिहासिक श्री झंडेजी का आरोहण होगा। 30 मार्च शनिवार को सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच श्री झंडे जी को उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। सेवकों व संगतों द्वारा श्री झंडे जी को दूध, दही, घी, गंगाजल एवम् पंचगब्यों से स्नान करवाया जाएगा।

Ascent of Shri Jhandeji :- सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रीमंहत देवेन्द्र दास जी महाराज द्वारा संगतों को दर्शन दिए जाएंगे व गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। शाम 3 बजे से 4 बजे के बीच श्री झंडे जी का आरोहण किया जाएगा। 31 मार्च को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज संगतों को दर्शन देंगे। 1 अप्रैल सोमवार को एतिहासिक नगर परिक्रमा होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *