Sacred Trails Uttarakhand
लोहाजंग, उत्तराखंड। हिमालयी क्षेत्र लोहाजंग में 14 अप्रैल 2026 को DHARAK: Nanda Sacred Trails का सफल आयोजन किया गया। इस उच्च हिमालयी ट्रेल रन का आयोजन सारमंग सोसायटी द्वारा किया गया।
यह दौड़ कुल 51 किलोमीटर की थी, जिसकी शुरुआत कुलिंग से हुई और समापन लोहाजंग में हुआ। मार्ग में डीडिना, टोलपानी टॉप, आली बुग्याल और बेदनी कुंड जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल थे। यह पूरा मार्ग लगभग 2800–3000 मीटर की ऊंचाई बढ़त के साथ तकनीकी चढ़ाई और उतराई वाला रहा, जो धावकों के लिए एक कठिन चुनौती साबित हुआ।
यह ट्रेल ऐतिहासिक नंदा राजजात यात्रा के मार्ग का हिस्सा है और आगे रूपकुंड झील की ओर जाता है, जो अपने प्राचीन मानव कंकाल अवशेषों के लिए जाना जाता है। दौड़ से पहले क्षेत्र में लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हुई, जिससे आली बुग्याल और बेदनी बुग्याल में ताजा बर्फ जमी हुई थी। धावक को ठंड, फिसलन भरे रास्ते और बर्फ से ढके ट्रेल का सामना करना पड़ा, जिससे यह दौड़ और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई।
इस वर्ष का आयोजन एक सीमित “फाउंडिंग एडिशन” के रूप में किया गया, जिसमें एक धावक ने 51 किलोमीटर की पूरी दौड़ पूरी की।
अविनाश मल्होत्रा ने कठिन परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए इस दौड़ को 9 घंटे 54 मिनट में पूरा किया। उन्होंने कहा “यह सिर्फ एक रेस नहीं थी, बल्कि पहाड़ों के साथ एक अनुभव था।”
इस अवसर पर अनिल मोहन, सचिव, सारमंग सोसायटी ने कहा “धारक को बड़े स्तर की भागीदारी के लिए नहीं बनाया गया है। यह उन लोगों के लिए है जो पहाड़ों का सम्मान करते हैं और हर कदम को मेहनत से हासिल करना चाहते हैं। एक धावक के साथ भी इस अनुभव की गंभीरता बनी रहती है।”
DHARAK: Nanda Sacred Trails का उद्देश्य एक गंभीर और जिम्मेदार ट्रेल रनिंग अनुभव प्रदान करना है, जिसमें धावक प्रकृति और पहाड़ों के साथ जुड़ाव महसूस कर सकें।


