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ग्राफिक एरा में AI रीजनिंग पर कार्यशाला

AI reasoning
Written by Subodh Bhatt

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देहरादून । ग्राफिक एरा में विशेषज्ञ ने छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग), आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स, चेन-ऑफ-थॉट प्रॉम्प्टिंग, टेस्ट-टाइम स्केलिंग और एजेंटिक एआई जैसे उभरते क्षेत्रों की जानकारी दी।

आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में “लैंग्वेज मॉडल्स के जरिए तर्क क्षमता” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्च साइंटिस्ट निकेत टंडन ने छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तर्क क्षमता (रीजनिंग) के विकास और उसके व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई ने पारंपरिक सांकेतिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक लैंग्वेज मॉडल्स के जरिए समस्याओं के समाधान को अधिक प्रभावी और सटीक बनाया है। प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्होंने “चेन-ऑफ-थॉट” प्रॉम्प्टिंग के जरिए एआई की सोचने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने, टेस्ट-टाइम स्केलिंग से उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने और एजेंटिक एआई के माध्यम से स्वायत्त निर्णय क्षमता विकसित करने की अवधारणा को सरल ढंग से समझाया।

इसके साथ ही, टूल-आधारित एआई सिस्टम्स के बढ़ते उपयोग और उनके वास्तविक जीवन में प्रभाव पर भी प्रकाश डाला, जिससे छात्रों को इस क्षेत्र के नवीनतम रुझानों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग,एनवीडिया सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग , आईईईई और यूटोपिया के संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डा डी आर गंगोडकर, डिपार्टमेंट हेड डा. देवेश प्रताप सिंह के साथ डा. अतुल चौहान अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

इसके साथ ही ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञ ने छात्रों को साइबर खतरों, नेटवर्क फॉरेंसिक और एआई आधारित जोखिमों से जुड़ी जानकारी साझा की।

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आज साइबर सिक्योरिटी विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में आईआईटी कानपुर के मुख्य रणनीति अधिकारी, डॉ. आनंद हांडा ने कहा कि साइबर थ्रेट्स जैसे हैकिंग, वायरस और धोखाधड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल व नेटवर्क फॉरेंसिक से अपराधों की जांच और हमलावरों की पहचान होती है और साइबर हमले के बाद समय पर कदम उठाना, यानी घटना प्रतिक्रिया, बेहद महत्वपूर्ण है।

इस वर्कशॉप का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया। कार्यक्रम में डिपार्टमेंट के हेड डॉ अनुपम सिंह अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

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