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VPN और फर्जी खातों से खेल रहे थे साइबर ठग, STF ने पकड़ा

Cyber Thug
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देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, उपकरण, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन व अन्य सामग्री बरामद हुई है।

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जांच में सामने आया कि नोएडा निवासी नितिन गौर और निक्कू बाबू नामक दोनों आरोपी NG Traders नाम की फर्जी कम्पनी के जरिए साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। ये अपराधी देशभर में 18 से 20 फर्जी बैंक खाते संचालित कर रहे थे और विदेशों में बैठे साइबर गिरोहों से भी इनके कनेक्शन पाए गए हैं। ठगी के दौरान ये VPN, Proxy Server, Tor Browser और Public Wi-Fi जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन व पहचान छिपाते थे।

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ऐसे फंसाया
रुड़की निवासी एक पीड़ित ने गूगल पर इन्वेस्टमेंट से जुड़ी जानकारी सर्च की, जहां उसे फेसबुक पेज पर CryptoPromarkets का लिंक मिला। इस पेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वीडियो दिखाया जा रहा था, जिसमें कम निवेश पर भारी लाभ का दावा किया गया था। पीड़ित ने विश्वास कर निवेश किया और मई माह में अलग-अलग बैंक खातों में 66 लाख रुपये जमा कर दिए। कुछ ही समय बाद जब लाभांश मिलने बंद हो गया तो मामले का खुलासा हुआ।

बरामद सामान
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 01 टैब, 04 मोबाइल फोन, 06 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 02 पेन ड्राइव, 05 एमपीओएस मशीनें, 05 साउंड बॉक्स, 14 क्यूआर स्कैनर, कम्पनी की मुहरें, चेकबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

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पुलिस टीम की मेहनत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर, पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा व निरीक्षक देवेंद्र नबियाल के नेतृत्व में टीम ने गहन तकनीकी विश्लेषण व साक्ष्य जुटाकर नोएडा से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

जनता से अपील
एसएसपी नवनीत सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी इन्वेस्टमेंट वेबसाइट, मोबाइल नंबर या लिंक पर बिना जांच पड़ताल के भरोसा न करें। KYC अपडेट, इनाम, सस्ता लोन या सरकारी योजना के नाम पर कॉल आने पर सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक या एप्लिकेशन पर क्लिक न करें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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