The infamous Valmiki Gang
देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड एसटीएफ ने कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग पर हरिद्वार क्षेत्र में अवैध तरीके से करोड़ों की संपत्तियों और पार्किंगों पर कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज बनाकर भूमि हड़पने तथा कई हत्याओं में शामिल होने के आरोप हैं।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, जो वर्तमान में सितारगंज जेल में बंद है, अपने गुर्गों के जरिए हरिद्वार में संगठित अपराध को अंजाम दे रहा था। लंबे समय से मिल रही गुप्त सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर एसटीएफ ने जांच की और तथ्यों की पुष्टि होने पर थाना गंगनहर में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद देर रात दबिश देकर गैंग के दो सदस्यों -मनीष उर्फ बॉलर और पंकज अष्टवाल- को गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्याएं और जमीन कब्जाने की साजिशें
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग ने जमीन कब्जाने की नियत से 2018 में कृष्ण गोपाल की हत्या करवाई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति हड़पने के लिए उनकी पत्नी और परिजनों को धमकाया गया। 2019 में भी गैंग के इशारे पर गोलीबारी कराई गई। इतना ही नहीं, मृतकों और परिजनों के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर करोड़ों की जमीनें बेची गईं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गैंग ने जेल में बंद रहते हुए भी कई सौदे कराए और अन्य अपराधियों के साथ मिलकर करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की।
एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई जारी
एसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि अब तक गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी निशानदेही पर अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है। गैंग द्वारा हड़पी गई अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- मनीष उर्फ बॉलर पुत्र स्व. प्रदीप कुमार, निवासी ऋषिनगर नई बस्ती, ग्राम सुनेहरा, रुड़की (उम्र 40 वर्ष)
- पंकज अष्टवाल पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर 40, ग्राम सुनेहरा, रुड़की (उम्र 30 वर्ष)