Incomplete Stories
- प्रेम और संवेदनाओं से बुना उपन्यास युवाओं को जोड़ेगा हिन्दी साहित्य से
देहरादून। अधूरी कहानियाँ भी कभी-कभी पूरा इश्क़ कह जाती हैं… और यही अनुभव समेटे लेखक रवि प्रियांशु के पहले हिंदी उपन्यास “अधूरी डायरी, पूरा इश्क़” का मंगलवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में भव्य लोकार्पण किया गया। साहित्य, शिक्षा और समाज जगत की कई जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति में कार्यक्रम खास बन पड़ा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, विशेष अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. देवेंद्र भसीन, डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुंवर कौशल कुमार, क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट डॉ. मुकुल शर्मा और साईं ग्रेस एकेडमी इंटरनेशनल के निदेशक समयजीत सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया।
मुख्य अतिथि कल्याण सिंह रावत ने कहा कि यह उपन्यास केवल एक प्रेमकथा नहीं है, बल्कि इसमें छिपे रहस्य, रोमांच और संवेदनाएं पाठकों को भीतर तक छू जाएंगी। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग हिन्दी से दूरी बना रहा है, ऐसे में यह कृति उन्हें पुनः हिन्दी साहित्य से जोड़ने का काम करेगी।
विशेष अतिथि डॉ. देवेंद्र भसीन ने उपन्यास की सरल और प्रभावी भाषा की सराहना की, वहीं डॉ. कौशल कुमार ने कहा कि यह कृति आने वाले समय में हिन्दी साहित्य की लोकप्रिय कृतियों में अपनी पहचान बनाएगी। क्लीनिकल साइक्लॉजिस्ट डॉ. मुकुल शर्मा ने कहा कि यह केवल प्रेमकथा नहीं, बल्कि समाज और इंसान के भीतर छिपे द्वंद्व को भी उजागर करती है।
लेखक रवि प्रियांशु ने कहा कि यह उपन्यास उनके अनुभवों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है। यह खास तौर पर 17 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पाठकों को केंद्रित करता है, जहां प्रेम, दोस्ती, संघर्ष और मोहब्बत की गहराई चरम पर होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह रचना युवाओं को हिन्दी से जोड़ने के साथ उन्हें यह एहसास भी दिलाएगी कि प्रेम और रिश्तों की सच्चाई कभी अधूरी नहीं होती।
इस अवसर पर समाजसेवी प्रिया गुलाटी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य आशा लता, दून फिल्म स्कूल के निदेशक देवी दत्त समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।