उत्तराखंड

40 करोड़ से अधिक की लागत से होगा उत्तराखंड के इन तीन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास

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Redevelopment of railway stations

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित विधानसभा भवन से टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास शिलान्यास समारोह में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किये गए 554 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के वृहद कार्य ने देश में आज एक और नया कीर्तिमान बनाया है।

Redevelopment of railway stations

Redevelopment of railway stations :- मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 40 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्विकास के लिए चयनित इन तीनों रेलवे स्टेशनों के पुर्नविकास से कुमाऊं क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मिलने के साथ ही लोगों को स्टेशन पर अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं तथा भारतीय रेलवे को नए भारत की आकांक्षाओं तथा आत्मनिर्भर भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

 

Redevelopment of railway stations भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है :-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर ब्रॉड गेज रेल लाइनों से मानव रहित रेल क्रॉसिंग को खत्म कर भारतीय रेलवे को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाया गया है तो भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक चिन्ह के रूप में वंदे भारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेनें रेल नेटवर्क का हिस्सा बन रही हैं तथा देश के अछूते हिस्सों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है।

Redevelopment of railway stations :- मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार से न केवल रेलवे, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाया जा रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज भारतीय रेल, इसका बदलता स्वरूप, विकसित देशों के रेल नेटवर्क को चुनौती देता है। यह देखकर गर्व की अनुभूति होती है जिसका साक्षात् प्रमाण वन्दे भारत ट्रेन है तथा इस ट्रेन की मांग अब दूसरे देश भी करने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भी देहरादून से आनंद विहार के मध्य वंदे भारत ट्रेन के संचालन की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि आज रेल आधुनिक हो रही है, सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है, रेलवे स्टेशन ’’मॉडर्न विजन’’ के साथ विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन इस विकास के बीच भी, हमने अपनी संस्कृति और विरासत को कतई नहीं भुलाया है, जिसको ध्यान में रखते हुए जिन स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव आज रखी गई है। उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगास

इस अवसर पर संबंधित पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित रहे।

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