उत्तराखंड

ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक न्यूरोवेस्कुलर तकनीकों का प्रशिक्षण

Neurovascular Training
Written by Subodh Bhatt

Neurovascular Training

देहरादून । ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों को स्ट्रोक और मस्तिष्क की रक्तवाहिका संबंधी बीमारियों के उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। देशभर से आए विशेषज्ञों ने न्यूरोवेस्कुलर विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध और नवाचारों की जानकारी भी साझा की।

ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में न्यूरोवेस्कुलर विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास विषय पर दो दिवसीय कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से आए 140 से अधिक विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने भाग लिया। सीएमई के दौरान स्ट्रोक के उपचार और न्यूरोवेस्कुलर विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने थ्रोम्बोलाइसिस की भूमिका तथा मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टॉमी जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। रेडियोलॉजी विभाग ने सीटी स्कैन और एमआरआई की नवीनतम तकनीकों के जरिए समय पर और सटीक जांच की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. पयोज पांडे ने न्यूरोइंटरवेंशन के क्षेत्र में हाल के वर्षों में हुए महत्वपूर्ण नवाचारों और आने वाले समय में इसकी बढ़ती संभावनाओं की जानकारी साझा की।

सीएमई के दूसरे दिन आयोजित हैंड्स-ऑन कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्ट्रोक उपचार से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अत्याधुनिक मॉडल्स के माध्यम से विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकों की बारीकियों से अवगत कराया।

इस सीएमई का आयोजन ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसाइंसेज विभाग ने किया। इस अवसर पर ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. पुनीत त्यागी, डीन डॉ. अर्चना ठाकुर, आईएमए देहरादून के अध्यक्ष एवं सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. महेश कुडियाल, सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. ए.के. सिंह के साथ ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. पार्थ बिष्णु, नई दिल्ली के मैक्स साकेत के डॉ. दलजीत सिंह, इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल के डॉ. रजनीश कछारा, एम्स ऋषिकेश के डॉ. निशांत गोयल, डॉ. सोमनाथ जेना और डॉ. मोइनुल हक शामिल रहे।

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