उत्तराखंड

मुख्यमंत्री के निर्देश पर भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए एक माह का विशेष अभियान

Financial approval of development
Written by Subodh Bhatt

settlement of land disputes

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को निर्देशित किया है कि सभी जनपदों में लंबित भूमि विवादों के समाधान हेतु व्यापक एवं सघन अभियान चलाया जाए तथा समस्त विवादित मामलों का निस्तारण एक माह की समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान के अंत तक भूमि विवादों से जुड़े लंबित मामलों को शून्य स्तर तक लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद आम नागरिकों की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और इनके कारण कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि ऐसे विवादों का त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा प्रत्येक सप्ताह की जाएगी, ताकि तय समय-सीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। समीक्षा के आधार पर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाए। इन समितियों में संबंधित क्षेत्राधिकारी (सीओ) पुलिस एवं चकबंदी विभाग के अधिकारियों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक, राजस्व एवं पुलिस समन्वय के माध्यम से विवादों का प्रभावी समाधान किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस विशेष अभियान से भूमि विवादों के शीघ्र निस्तारण के साथ-साथ आम जनता को राहत मिलेगी और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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