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हेरिटेज टूर गाइड : यात्रा एवं पर्यटन में बनाए करियर

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हेरिटेज टूर गाइड

हर्षिता टाइम्स।
देवभूमि उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ाए जा रहे कदमों की कड़ी में अब हेरिटेज टूर गाइड भी सैलानियों को आकर्षित करेंगे। इसके लिए प्रदेशभर में ट्रेनिंग के लिए विभिन्न स्थलों का चयन किया गया है। जहां पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर हेरिटेज टूर गाइड तैयार किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में पर्यटन यहां की आर्थिकी से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। इसे देखते हुए सरकार भी पर्यटकों को ऐसे स्थलों पर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो उनकी नजरों से अपेक्षाकृत दूर ही रहे हैं।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से हेरिटेज टूर गाइड :-

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से हेरिटेज टूर की योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है, ताकि सैलानी यहां की धरोहर से भी परिचित हो सकें तथा इससे उन्हें नया अनुभव भी हासिल होगा। साथ ही उनकी सुविधा के लिए स्थानीय स्तर पर हेरिटेज टूर गाइड के रूप में कार्य करने वाले स्थानीय युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध हो सकेगा।

अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद के अनुसार टूरिज्म एंड हास्पिटेलिटी स्किल काउंसिल (टीएचएससी) के माध्यम से युवाओं को हेरिटेज टूर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यूटीडीबी ने प्रदेश में ऐसे स्थल चयनित किए हैं, जहां की धरोहर पर्यटकों के लिए नए आकर्षण से कम नहीं होगी।

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वर्तमान में गाइड के 160 प्रशिक्षाणर्थियों को ऋषिकेश, बडकोट, रामनगर धारचूला एवं गंगोलीहाट में प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा जनपद नैनीताल में स्थित कैंची धाम एवं चमोली में गाइड का प्रशिक्षण संचालित है।

इसी कड़ी में आगामी 20 जुलाई 2023 से रूडकी के सिंचाई अनुसंधान संस्थान के ऑडिटोरियम में प्रशिक्षण शुरू हो रहा है। गाइड प्रशिक्षण के प्रत्येक बैच में 30 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण की अवधि 10 दिन होगी जिसमे आई आई टी रूडकी एवं केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पर्यटन क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षुओं को हेरिटेज टूरिज्म और हेरिटेज टूर गाइड की प्रस्तुति, व्यवहार, संचार, उत्तराखंड विरासत स्थल के रूप में तथा सतत और जिम्मेदार पर्यटन आदि विभिन्न पक्षों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को 13 वीं शताब्दी के चिश्ती आदेश के सूफी संत की दरगाह ‘‘पिरान कलियर‘‘ एवं 1847 में शुरु किये गए भारत के पहले अभियांत्रिकी विश्वविधालय भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आई आई टी रूड़की), सोलानी , रूडकी म्यूजियम की साइट यात्रा भी कराई जाएगी।

उपरोक्त ट्रेनिंग का उद्द्घाटन विधायक रूडकी प्रदीप बत्रा एवं अधिशाषी अभियंता, सिंचाई अनुसंधान संस्थान गुणानन्द शर्मा द्वारा किया जायेगा।

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