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क्रिप्टो ऑनलाईन ट्रेडिंग धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का STF ने किया पर्दाफाश

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क्रिप्टो ऑनलाईन ट्रेडिंग
  • 07 साल से कार्यरत दिल्ली सिविल सर्विस डिफेन्स में कार्यरत गैंग के सदस्य को दिल्ली से किया गिरफ्तार
  • 5 करोड़ के यू-ट्यूब लाईक / सब्स्क्राईब फ्रॉड में दिल्ली से गिरफ्तारी
  • एक बैंक खाते में 07 लाख रुपयों को भी किया गया फ्रीज
हर्षिता टाइम्स।
देहरादून। क्रिप्टो करैन्सी में ऑनलाईन ट्रेडिंग कर लाभ कमाने व फ्लिपकार्ट का गिफ्ट गिविंग मैनेजर बताकर यू ट्यूब चैनल्स को लाईक व सब्स्क्राईब करने के टास्क से लाभ कमाने का लालच देकर दिव्यांग के साथ 13,11,900/- रुपये धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चौथे सदस्य को संगम विहार नार्थ दिल्ली से गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की गयी।
पूर्व में भी 02 आरोपियों को जयपुर राजस्थान से पकड़ा गया है तथा आज तीसरे सदस्य ने खुद ही साईबर पुलिस स्टेशन देहरादून में सरैन्डर कर दिया है। अब तक उक्त मुकदमे में कुल 4 अभियुक्तों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की गई। आगे भी अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं ।
इसी क्रम में एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ जिसमें शिकायतकर्ता विक्रम कुमार पडाला जो कि मूकबाधिर है के साथ अज्ञात अभियुक्तों द्वारा स्वंय को फ्लिपकार्ट का गिफ्ट गिविंग मैनेजर बताकर यू ट्यूब चौनल्स को लाईक व सब्स्क्राईब करने का टास्क देकर लाभ कमाने की बात कहना उसके पश्चात क्रिप्टो करैन्सी में ऑनलाईन ट्रेडिंग कर लाभ कमाने की बात कहते हुए टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भिन्न-भिन्न वैबसाईट के लिंक भेजकर निवेश व टास्क करने हेतु कहना जिसके पश्चात उक्त अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षडयन्त्र रचकर शिकायतकर्ता को टास्क तथा क्रिप्टो करेन्सी में निवेश के नाम पर भिन्न-भिन्न तिथियों में भिन्न भिन्न लेन देन के माध्यम से ऑनलाईन कुल 13,11,900/- रुपये धोखाधड़ी की धनराशि प्राप्त करने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 08/23 धारा 420,120 बी भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक विकास भारद्वाज के सुपुर्द की गयी।
विवेचक द्वारा दौराने विवेचना पीड़ित के साथ 13,11,900/- रुपये की धोखाधड़ी होने की पुष्टि हुई है। सम्पूर्ण भारत के भिन्न-भिन्न राज्यों में उपरोक्त  माध्यम से गिरोह द्वारा की जा रही थी लाखो की धोखाधड़ी ।
अभियोग में अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही हेतु गठित पुलिस टीम द्वारा अथक मेहनत एवं प्रयास से घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बरों, तथा अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि की को जिन खातों मे आहरित किया गया था।
उन खातांे की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आया कि शिकायतकर्ता की धनराशि दिल्ली, जयपुर राजस्थान में स्थानान्तरित हुयी। जिसके आधार पर टीम को दिल्ली भेजा गया। तत्पश्चात अभियोग में सलिप्त 01 सदस्य को संगम विहार नार्थ दिल्ली से गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की गयी ।
जांच में यह भी प्रकाश में आया कि IQ Service & Solution Pvt. Ltd कम्पनी जिसे फ्रॉड के लिये खोला गया था, जिसके अकाउण्ट में लगभग 5 करोड़ रुपये की लेन देन हुई है ।

अपराध का तरीका:-

साईबर पीड़ित द्वारा अपने प्रथम सूचना विवरण के माध्यम से अवगत  कराया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा वह्ट्स एप के माध्यम से सम्पर्क कर स्वंय को फ्लिपकार्ट का गिफ्ट गिविंग मैनेजर बताकर यू ट्यूब चौनल्स को लाईक व सब्स्क्राईब करने के टास्क कर लाभ कमाने की बात कहना उसके पश्चात क्रिप्टो करैन्सी में ऑनलाईन ट्रेडिंग कर लाभ कमाने की बात कहते हुए टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भिन्न-भिन्न वैबसाईट के लिंक भेजकर निवेश व टास्क करने हेतु कहना जिसके पश्चात उक्त अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षडयन्त्र रचकर शिकायतकर्ता को टास्क तथा क्रिप्टो करेन्सी में निवेश के नाम पर भिन्न-भिन्न तिथियों में भिन्न भिन्न लेन देन के माध्यम से ऑनलाईन कुल 13,11,900/- रुपये धोखाधड़ी की गयी।

गिरफ्तार अभियुक्त:-

1- मोहम्मद इकबाल पुत्र गुलाम नवी निवासी खसरा नं0 38/24, प्प् फ्लोर, गली नं0 06, ग्राम झारोदा माजरा, संगम विहार थाना बुरारी नार्थ दिल्ली, दिल्ली । उम्र 37 वर्ष

बरामदगी:-

1- 07 डैबिट व क्रैडिट कार्ड
2- 01 मोबाईल फोन मय 02 सिम कार्ड
3- 01 आधार कार्ड, 01 मतदाता पहचान पत्र, 01 ड्राईविंग लाईसेंस, 01 सिविल डिफैन्स कार्प. दिल्ली का पहचान पत्र
आयुष अग्रवाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि पहले भी साइबर एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसमें लोगों से ऐसे जाल में न फंसने का अनुरोध किया गया था। यू-ट्यूब लाइक / सब्सक्राइब साइबर अपराध का एक नया चलन है।
वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व ऑनलाईन बिजली के बिल का भुगतान करने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें ।
किसी भी प्रकार के ऑनलाईन भुगतान करने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें।
कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें। वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें।

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