आज का समय तकनीकि ज्ञान का है, समय एवं परिस्थतियों ने भौतिकता की ओर मानव को होड़ की दौड़ लगा दिया है...
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स्टूडेंट्स को ट्रोल मत कीजिये : डॉ सुशील उपध्याय की कलम से
लेखक : डॉ सुशील उपध्याय अपवाद छोड़ दें तो लगभग पूरा देश 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के बिना ही...
पढ़िये डॉ सुशील उपाध्याय द्वारा लिखा ये लेख : बाबा रे बाबा...
डॉ सुशील उपाध्याय सामान्य तौर पर ‘बाबा’ एक आदरसूचक शब्द है, जिसका प्रयोग विविध रूपों...
डॉ सुशील उपाध्याय की कलम से बाबा बनाम लाला
शब्दयात्री-73 डॉ सुशील उपाध्याय इन दिनों दो शब्द खूब चर्चा में हैं- बाबा और लाला। दोनों स्वामी...
डॉ सुशील उपाध्याय : कोरोनाकाल की भाषा अल्फा, डेल्टा ने बचाई इज्जत
डॉ सुशील उपाध्याय अतीत की किसी भी महामारी के दौरान शायद ही नए शब्दों और अवधारणाओं कि इतनी व्यापक...
डॉ सुशील उपाध्याय संकट में पत्रकार विस्तृत और प्रामाणिक अध्ययन...
डॉ सुशील उपाध्याय पत्रकार कितने भी समर्थ हों और मीडिया कितना भी जागरूक हो, लेकिन वह इस प्रश्न तक का...
डॉ सुशील उपाध्याय : डरावना है, कोरोना को हराने का दावा!
डॉ सुशील उपाध्याय, शिक्षक दो दिन पहले उत्तराखंड के एक कैबिनेट मंत्री का बयान अखबारों में छपा कि...
Dr. सुशील उपाध्याय : नाले वाली ताज़ी सब्जियां
देहरादून में घर के पीछे की तरफ एक बड़ा खेत है, जिस पर बहुत सारी सब्जियां उगाई गई हैं। यह खेत कभी...
महामारी के साये में निपटा कुंभ : डॉ. सुशील उपाध्याय
डॉ. सुशील उपाध्याय गंगा सप्तमी पर अखाड़ों से धर्मध्वजा उतारे जाने के साथ ही कुंभ समाप्त हो गया।...
डॉक्टर हैं, अस्पताल हैं, पर सिस्टम मर गया!
सुशील उपाध्याय की कलम से इन दिनों सुनने को मिल रहा है कि कोई सरकार सवा सौ करोड़ लोगों को डॉक्टर और...


