उत्तराखंड

एमआई-17 हेलीकाप्टर बुझायेगा उत्तराखंड के जंगलो की आग

Photo 05 dt 05 April 2021
Written by Subodh Bhatt

देहरादून : मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि प्रदेश में वनाग्नि के प्रकोप को कम करने के लिए राज्य सरकार पूरी गम्भीरता से प्रयास कर रही है। इसके लिए हर जरूरी और उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जा रहा है। भारत सरकार ने वायु सेना के हेलीकाप्टर उपलब्ध कराए हैं। एक एमआई-17 हेलीकाप्टर का उपयोग किया गया। गढ़वाल में  टिहरी जनपद अन्तर्गत नरेन्द्रनगर वन प्रभाग की नरेन्द्रनगर रेंज में वनाग्नि को बुझाने का कार्य किया गया। दूसरा हेलीकाप्टर हल्द्वानी पहुंच चुका है। उसका भी उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मांग किए जाने पर प्राथमिकता से तत्काल एमआई-17 हेलीकाप्टर उपलब्ध कराए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि रविवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर उत्तराखण्ड के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए हेलीकाप्टर दिए जाने का अनुरोध किया था।

Photo 04 dt 05 April 2021Photo 14 dt 05 April 2021
वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए वन विभाग तत्पर है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचरियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय, नरेन्द्रनगर वन प्रभाग, मुनिकीरेती द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर के माध्यम से जंगलों में आग को बुझाने की कवायद प्रारम्भ की गई।  जिसके प्रारम्भिक चरण में गढ़वाल में टिहरी जनपद अन्तर्गत नरेन्द्रनगर वन प्रभाग की नरेन्द्रनगर रेंज में अदवाणी क0सं0-04 एवं तमियार (फकोट ब्लॉक, टिहरी) में वनाग्नि को बुझाने का कार्य किया गया। सुबह 08ः30 बजे हेलीकॉप्टर देहरादून एयरपोर्ट पर उतरा। प्रारम्भिक तैयारियों के पूर्ण होने के उपरान्त प्रातः 10ः00 बजे एयर ऑपरेशन प्रारम्भ किया गया, जिसमें प्रारम्भिंक रैकी कार्य प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर दो बार किया गया। तद्पश्चात कोटी कॉलोनी, टिहरी झील से 5,000 लीटर की बकेट में पानी भरकर वनाग्नि से प्रभावित जंगलों में पानी का 04 सोर्टियों के माध्यम से दो बार 10,000 लीटर पानी का छिड़काव कर वनाग्नि को नियंत्रित किया गया। एयर ऑपरेशन दोपहर 12ः40 बजे तक जारी रहा तथा बाद में प्रतिकूल मौसम के कारण ऑपरेशन को रोकना पड़ा। कल दोबारा प्रातः काल में ही पुनः ऑपरेशन किया जायेगा।  इस सम्पूर्ण ऑपरेशन में वायु सेना के साथ ही उत्तराखण्ड सरकार के विभिन्न महकमों यथा-वन विभाग, सिविल एविएशेन विभाग, जिला प्रशासन, एवं स्थानीय स्टाफों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।

About the author

Subodh Bhatt

Leave a Comment