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ग्राफिक एरा की स्नेह राणा ने रचा इतिहास कोलम्बो में 15 विकेट लेकर बनाया रिकॉर्ड

Sneh Rana created history
Written by Subodh Bhatt

Sneh Rana created history

देहरादून। प्रतिभाशाली क्रिकेटर व ग्राफिक एरा की छात्रा स्नेह राना ने कोलम्बों में एक नया इतिहास रच दिया। महिला वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेकर स्नेह राणा यह रिकॉर्ड बनाने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बन गई हैं।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की एमबीए की छात्रा व स्पिनर ऑलराउंडर क्रिकेटर स्नेह राणा ने यह इतिहास श्रीलंका में महिलाओं की वन- डे ट्राई नेशन क्रिकेट सीरीज में बनाया है। एक सीरीज में 15 विकेट लेकर स्नेह राणा वर्ष 2003 में ऑस्ट्रेलिया की कैथ्रीन फिट्जपैट्रिक के बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करने में सफल हो गईं हैं। ऑस्ट्रेलिया की कैथ्रीन फिट्जपैट्रिक ने 2003 में वर्ल्ड सीरीज के दौरान 15 विकेट लिये थे। स्नेह ने अपनी शानदार गेंदबाजी से यह रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया।

उन्होंने टूर्नामेंट में श्रीलंका व साउथ अफ्रीका के खिलाफ पंद्रह विकेट लिए। टूर्नामेंट में भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से नवाजा गया। वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली भारत की पहली और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर कैथरीन फिट्ज़पैट्रिक के साथ संयुक्त रूप से दुनिया की दूसरी महिला क्रिकेटर बन गयी हैं। उन्होंने महिलाओं की श्रृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने का लंबे समय से चला आ रहा भारतीय क्रिकेटर नूशिन अल खादीर का बारह विकेट का रिकार्ड भी तोड़ दिया।

भारतीय स्पिनर स्नेह राणा ने फाइनल मैच में कमाल की गेंदबाजी करते हुए 9.2 ओवर में 38 रन देकरचार विकेट गिरा दिये। अपनी टीम को फाइनल में 97 रन से जीत दिलाने में स्नेह राणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्नेह की शानदार जीत से ग्राफिक एरा में खुशी का माहौल है। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने स्नेह की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि स्नेह राणा पर पूरे देश को गर्व है। उत्तराखंड की इस बेटी ने सीरीज में पंद्रह विकेट लेने का इतिहास रचकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राफिक एरा के साथ ही देश और उत्तराखंड का भी मान बढ़ाया है।

डॉ घनशाला ने कहा कि स्नेह ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि ग्राफिक एरा के छात्र छात्राएं प्लेसमेंट और नई खोजों से दुनिया में अपनी पहचान बनाने के साथ ही अपने परिश्रम,अनुशासन व लगन से विश्व स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। ओलम्पिक खेलों में ग्राफिक एरा के पांच छात्र छात्राओं द्वारा देश का प्रतिनिधित्व किया जाना भी यही दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा शिक्षा के साथ ही खेलों में भी अपने छात्र-छात्राओं को बढ़ावा देता आया है। ग्राफिक एरा के छात्र क्रिकेट के साथ ही बैडमिंटन, हॉकी व अन्य खेलों में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

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