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तेज शहरीकरण के दौर में उत्तराखंड में पीएम आवास योजना से बड़ी उम्मीदें

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हर्षिता टाइम्स।
देहरादून। पूरे देश के साथ ही उत्तराखंड में भी हाल के वर्षों में शहरीकरण की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। आने वाले 20 सालों में शहरीकरण की इस रफ्तार ने और तेज़ी से बढ़ना है। ऐसी स्थिति में हर शहरी परिवार को घर उपलब्ध करवाना एक बड़ी चुनौती होगी। इस चुनौती का सामना करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना निर्णायक साबित हो सकती है। उत्तराखंड में इस योजना के तहत तेजी से किफायती आवासों का निर्माण किया जा रहा है। कई लोगों को ये किफायती आवास आवंटित कर दिये गये हैं और कई आवास बनकर तैयार हैं या बनाये जा रहे हैं।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी पर आयोजित एक गोष्ठी में वक्ताओं ने ये बातें कही। गोष्ठी का आयोजन उत्तराखंड शहरी विकास निदेशालय, पीएचडी चौंबर ऑफ कॉमर्स उत्तराखंड चौप्टर और एसडीसी फाउंडेशन की ओर से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल मौजूद थे। मुख्य वक्ताओं में सचिव आवास एसएन पांडे और उत्तराखंड शहरी विकास निदेशालय के निदेशक नवनीत पांडे शामिल थे। गोष्ठी में उत्तराखंड शहरी विकास निदेशालय के अपर निदेशक अशोक पांडे, सहायक निदेशक राजीव पांडे, उडा के संयुक्त मुख्य प्रशासक पीसी दुम्का, हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया, नगर निगम देहरादून के सोशल डेवलपमेंट एक्सपर्ट रमेश चौहान, दिनेशपुर, लालकुंआ और विकासनगर नगर निकायों के चौयरमैन, दिनेशपुर, डोईवाला, देहरादून, विकासनगर, चिन्यालीसौड़ और लालकुंआ नगर निकायों के कर्मचारी, अधिकारी, बिल्डर और लाभार्थी भी इस गोष्ठी में शामिल हुए। इसके साथ ही पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, शहरी विकास निदेशालय और एनआईयूए के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
राज्य के शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि अंतिम पायदान के व्यक्ति तक आवास सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण में नियोजन और तकनीकी का उपयोग बेहद जरूरी है। एक अदद छत हर व्यक्ति का अधिकार है। शहरों में जमीन की कमी है, ऐसे में हमें ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के आवास उपलब्ध करवाने की तरफ भी ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 21 में से दो आवास विकास योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर तेजी से काम चल रहा है।
शहरी विकास निदेशालय के निदेशक नवनीत पांडे ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत राज्य में दिसंबर 2024 तक 66 हजार घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 26 हजार घर तैयार हो चुके हैं। इस योजना के चार घटकों में से व्यक्तिगत आवास निर्माण घटक यानी बीएलसी और भागीदारी में किफायती आवास घटक यानी एएचपी बेहद महत्वपूर्ण हैं। सचिव शहरी विकास एसएन पांडे ने आवासीय योजना की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के सभी हितधारक यदि मिलकर काम करें तो योजना का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
उडा के संयुक्त मुख्य प्रशासक पीसी दुम्का ने कहा कि हम बिल्डर और डेवलपर्स की मदद से राज्य में आगे बढ़ना चाहते हैं। राज्य के किफायती आवास की 21 योजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं। योजनाओं के सफल संचालन के लिए बैंकर्स के साथ भी समन्वय बनाया जा रहा है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम एलआईजी और एलएमआईजी सेक्टर को भी प्रोत्साहित करें।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पैनल डिस्कशन किया गया। इस सत्र में पीसी दुम्का, हुडको के रीजनल हेड संजय भार्गव, सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिक आशीष पीपुल, दिनेशपुर, विकासनगर और लालकुंआ नगर निकायों के चौयरमैन, नगर निगम देहरादून के सोशल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट रमेश चौहान, विंडलास बिल्डर्स के मनीष और बीएलसी घटक की लाभार्थी अनिता जुयाल ने अपने अनुभव साझा किये। कार्यक्रम का संचालन एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल और पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के रीजनल डायरेक्टर विशाल काला ने किया।

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