फिर एगींन चुनाव क्या बुन दिदा फिर अया छ्यायी 5 साल बिटी जू फ़सोरी सिया छ्यायी बुलणा छ्यायी कि हम...
Category - साहित्य
“वीर सुभाष” ज्योत्स्ना शर्मा प्रदीप द्वारा...
वीर सुभाष इतिहास रचे जिन वीरों ने। उनकी कथा निराली है ।। माथा उजला करे मात का । माटी भी उजियाली है...
भारत माँ ने आँखें खोलीं, ज्योत्स्ना शर्मा प्रदीप द्वारा रचित...
भारत माँ ने आँखें खोलीं (चौपाई छन्द ) भारत माँ ने आँखें खोलीं । देखो वो भी कुछ तो बोली ।। बालक...
इन्साफ! ज्योत्स्ना शर्मा प्रदीप द्वारा रचित कविता
इन्साफ! तुम कभी झाँकना उस घर में जहाँ जलता है दिया लहू से खाते हैं लोग कटी -फटी हथेली पर रखकर रोटी...
चुनाव पर आधारित हरीश चंद्र कंडवाल की कविता
सुना है कि चुनाव आ गये मीठे भाषणों के दिन आ गए अभी तो सब होंगे नतमस्तक सब कहेंगे आपको पथ प्रदर्शक।...
भाषा के काम सरकार के भरोसे नहीं हो सकते, समाज को आगे आना होगा :...
अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में स्थानीय भाषाओं को तरजीह दी जाए : धस्माना गढ़वाली को आठवीं अनुसूची में...
कहानी : यँहा कौन रहता है हरीश कंडवाल मनखी की कलम से
अनूप अपने गाँव बहुत सालों बाद गया, वँहा जाकर उसने देखा कि सड़क गाँव तक पहुँच चुकी है, गाँव मे कुछ...
अविनाश राय खन्ना की पुस्तक सामाजिक चिंतन का विमोचन
ऋषिकेश। दिल्ली में प्रसिद्ध लेखक और समाजधर्मी अविनाश राय खन्ना द्वारा लिखित पुस्तक ‘सामाजिक चिंतन’...
जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नये श्रृंगार गीत “आख्यु की...
देहरादून : जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नये श्रृंगार गीत “आख्यु की भाँउ” का लोकार्पण...
बिना बदलाव के प्रगति संभव नहीं है : डॉ. प्रेम जन्मेजय
तीसरे दिन सातवें ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल नोएडा में ‘द चेंजिंग फेस ऑफ़ नॉन फिक्शन...


